अक्टूबर सन्1952 में
स्वतंत्र भारत की प्रथम लोकसभा के साथ-साथ राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव भी
सम्पन्न हुए थे, उस समय मा० दुलारे लाल जाटव ने क्षेत्र जलेसर,परगना मारहरा,विधान सभा लखनऊ,उत्तर प्रदेश से
स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जय शोषित
(ऊंट) चुनाव चिह्न से चुनाव लड़ा था। उनकी प्रचार-प्रसार सामग्री के
रूप में उनकी दो कविताऐं व एक प्रचार पत्र लोगों को खूब पसंद आया था।उस वक्त
कांग्रेस बहुत मजबूत थी और लोकसभा की 489 सीटों
में से 324 सीटों पर जीत हासिल कर सरकार बनाई थी।
ऐसे कठिन दौर में विधानसभा चुनाव में भाग लेना
किसी सादगी पूर्ण साहस से कम नहीं जो चित्र में साफ झलकता है।
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